लॉकडाउन में ढील भारत के लिए कैसा हो सकता है, माहोल।इस रिपोर्ट ने सबको चौका दिया है!
लॉकडाउन में ढील भारत के लिए कैसा हो सकता है, इस रिपोर्ट ने बत्ती जला दी है!
भारत में अनलॉक 1 चल रहा है. पहले फेज में मंदिर और मॉल भी खुल चुके हैं. लेकिन रिसर्च फर्म ‘नोमुरा’ की एक रिपोर्ट भारत के लिए मौजूदा स्थिति को चिंता का कारण बता रही है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत फिलहाल दुनिया के 15 हाई रिस्क वाले देशों में है, जहां लॉकडाउन में ढील के बाद कोरोना के मामले अपने उच्चतम स्तर पर आ सकते हैं. दुनिया के 45 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों पर रिसर्च के बाद यह रिपोर्ट आई है.
रिपोर्ट क्या कह रही है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत डेंजर जोन में है और यहां सेकंड वेव आने की आशंका ज्यादा है. सेकंड वेव कोरोना वायरस के फैलने के दूसरे दौर को कहते हैं, जब मामलों में फिर से तेज वृद्धि होने लगती है. इसके अनुसार-
रिपोर्ट में मिला-जुला परिणाम सामने आया है. 17 देशों में किसी भी तरह के सेकंड वेव का अनुमान नहीं है. 13 देशों में कुछ हद तक सेकंड वेव की आशंका है, जबकि 15 देशों को हमने डेंजर जोन में रखा है. इन देशों में सेकंड वेव की आशंका सबसे ज्यादा है.
इस रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन में ढील से दो तरह की स्थिति सामने आयेगी-
पहली स्थिति में क्या था?
पहली स्थिति थोड़ी बेहतर होगी. जैसे अमेरिका वगैरह में लॉकडाउन के नियमों में ढील दी गई है. काम शुरू हो गए हैं और रोज़ आने वाले मामलों में मामूली इज़ाफा हुआ है. इससे लोगों में डर कम हुआ है और चहल-पहल बढ़ी है. जैसे-जैसे नए मामलों की संख्या कम होगी, एक पॉजिटिव फीडबैक सामने आयेगा.
दूसरी स्थिति में क्या?
यह स्थिति पहले से बुरी कही जा सकती है. लॉकडाउन में ढील के बाद अर्थव्यवस्था दोबारा खुलेगी. अर्थव्यवस्था को दोबारा खोलने का मतलब है कि रोज़ होने वाले इंफेक्शन बढ़ेंगे. लोगों में डर पैदा होगा और उनका बाहर निकलना बंद हो सकता है. एक्स्ट्रीम केस में फिर से लॉकडाउन किया जा सकता है.
कैसे हुई है एनालिसिस?
इस एनालिसिस के लिए दुनिया के 45 देशों को तीन ग्रुपों में बांटा गया. इनमें भारत ‘वॉर्निंग साइन’ के साथ ‘डेंजर जोन’ में है. भारत के साथ इस जोन में इंडोनेशिया, चिली और पाकिस्तान जैसे लो टू मिडिल इनकम वाले देश हैं. हालांकि अच्छी इकॉनमी वाले देश- जैसे स्वीडन, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका और कनाडा भी डेंजर जोन में हैं.
यह स्टडी तब सामने आई है, जब इनमें से अधिकतर देशों ने लॉकडाउन में ढील दे दी है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सभी देशों से सहयोग करने का आग्रह किया है. भारत में अनलॉक प्लान के तहत मॉल, मंदिर और रेस्टूरेंट आदि 8 जून से खुल गए हैं. ये सबकुछ 25 मार्च से ही बंद थे.
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